Nafrat Shayari
Nafrat Shayari: दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं Nafrat Shayari (नफ़रत शायरी) 2025 का सबसे खास और शानदार कलेक्शन। यहाँ आपको मिलेंगी ऐसी शायरियाँ, जो दिल को छू जाएँगी और आपकी भावनाओं को सबसे अच्छे तरीके से व्यक्त करेंगी।
Nafrat Shayari

तुम से रिश्ता अब कुछ ऐसा है,
ना नफ़रत है,
ना इश्क़ पहले जैसा है।🥀

मुझे नफ़रत पसंद है,
मगर दिखावे का प्यार नही।
💔🥀

नफ़रत करने वाले भी,
गजब का प्यार करते हैं मुझसे,
जब भी मिलते हैं,
कहते हैं तुझे छोड़ेंगे नहीं।

भूल जाऊं कुछ भी मगर,
लिखना नहीं भूलता,
नफ़रत भी कर लूं तुझसे कितनी भी,
तुझे याद करना नहीं भूलता।

मोहब्बत से फुरसत
नहीं मिली वरना,
कर के बताते की नफ़रत
किसे कहते हैं।

नही हो अब तुम हिस्सा मेरी
किसी हसरत के,
तुम काबिल हो तो बस नफ़रत
के।

मिलो एक बार को तुम,
शिद्दत से एक बात करनी है,
तुझ से गले लग कर
तेरी ही शिकायतें हजार करनी है।

बेहद गुस्सा करते हो
आजकल,
नफ़रत करने लगे हो,
या मोहब्बत ज्यादा हो गई।

नफ़रत मत करना हमसे
हमें बुरा लगेगा,
प्यार से कह देना तेरी जरुरत
नही है।

कोई पूछे अगर तुमसे मेरी
कहानी,
कह देना, नफ़रत के भी काबिल
नही था.!
Nafrat Shayari in Hindi

कुछ अजीब सा रिश्ता है,
उसके और मेरे दरमियां,
न नफ़रत की वजह मिल रही,
न मोहब्बत का सिला..!!

इंसान बड़ा खुदगर्ज है,
पसंद करे तो बुराई नही देखता,
नफ़रत करे तो अच्छाई नही
देखता.!

मैं खुश हूं की उसकी नफ़रत
का अकेला वारिस हूं,
वरना मोहब्बत तो उसे कई
लोगों से है।

मारना ही था तो कुछ और
हथियार इस्तेमाल किया होता,
यूं नफरतों के हथियार से मार कर
जिंदगी भर के लिए खामोश कर दिया।

गरीबी से नफ़रत तो है,
मगर बदलने की चाह नही,
मौजूद हजारों रास्ते हैं,
मगर कहते हैं राह नही।

मोहब्बत सच्ची हो तो कभी
नफरत नहीं होती है अगर
नफरत होती है तो मोहब्बत
सच्ची नहीं होती है.!

खुदा सलामत रखना उन्हें,
जो हमसे नफरत करते हैं,
प्यार न सही नफरत ही सही
कुछ तो है जो वो हमसे करते हैं।

नफरत की आग जो तुमने
इस दिल में लगाई है,
तुमसे ही नही मोहब्बत से
भी हमें शिकायत हुई है.!!

नफरत हो दिल में तो मिलने
का मजा नहीं आता हैं,
वो आज भी मिलता है,
पर दिल कहीं और छोड़ आता है।

एक झूठ मैंने तुमसे कहा
मुझे नफरत है,
तुमसे एक झूठ तुम भी कह दो
तुम्हें मोहब्बत है मुझसे।
Nafrat Shayari in Boys
तेरे झूठे वादों ने सब कुछ छीन लिया,
दिल में मोहब्बत का नाम भी मिटा दिया।
अब तेरी यादें भी चुभती हैं खंजर सी,
और नफ़रत ने दिल में घर बना लिया।
सोचा था तू मेरा Star,
पर निकला तू सिर्फ एक Scar,
अब तेरी यादों से बस है War।
कभी तेरे लिए जान देने को तैयार था,
अब तेरे नाम से भी नफ़रत बेकरार है।
हर तरफ़ दिखावा हर लफ़्ज़ में झूठ
सच्चाई की कीमत यहाँ कोई नहीं पूछ।
अब इन चेहरों से नफ़रत होना लाज़मी है
क्योंकि हर अपना भी अजनबी लगता है।
इस छल-कपट से भरी दुनिया से ऊब गया हूँ,
अब हर चेहरे पर झूठ का नक़ाब दिखता है।
आईने में खुद को देखकर शर्म आती है,
अब अपनी ही सूरत से नफ़रत हो जाती है।
खुद की वजह से हर रिश्ता खो दिया,
हर ख़्वाब को अपने हाथों से तोड़ दिया।
अब इस टूटी हुई पहचान से इतनी नफ़रत है,
कि अपना नाम सुनना भी भारी लगता है।
तेरी यादें अब बस Poison
तेरा नाम सुनते ही बढ़े Tension •
तेरी यादों का ज़हर हर रोज़ पीता हूँ,
अब मोहब्बत नहीं, बस नफ़रत जीता हूँ।
तूने मेरे दिल को ऐसे तोड़ा,
कि हर रिश्ते से अब दिल ने नाता तोड़ा।
तेरे हर वादे पर आँखें बंद करके यक़ीन किया,
अब तेरे नाम से भी दिल काँपने लगा।
जिसे अपना समझा वही पराया निकला,
अब हर दोस्ती से डरने लगा ये दिल।
कभी तू मेरी मुस्कान की वजह था,
अब तेरी याद ही नफ़रत की वजह बना।
तेरी मोहब्बत का नशा अब उतर गया,
दिल में तेरे लिए सिर्फ़ नफ़रत बचा है।
जिसे चाहा उसे पाने की आरज़ू थी,
अब उसी से दूर रहने की दुआ है।
प्यार से नफ़रत तक का ये सफर,
दिल को हर रोज़ और तोड़ता जा रहा है।
कभी सोचा था ज़िंदगी हसीन होगी,
पर हर उम्मीद ने मुझे तन्हा कर दिया।
अब हर सांस बोझ सी लगती है,
इस सफ़र से नफ़रत करना सीख लिया।
हर उम्मीद ने मुझे दर्द ही दिया,
अब इस सफ़र से नफ़रत होना लाज़मी था।
Nafrat Shayari 2 Line
जब वफ़ा का ज़िक्र होता होगा,
तुम्हे शर्म तो आती होगी.!
सबकी सारी शर्तें मंजूर हैं मुझे,
लेकिन मुझे आखिर में वही चाहिए,
ये मेरी शर्त है.
मर्द कितना भी मजबूत क्यों ना हो,
लेकिन उसकी पसंदीदा औरत उसको रूला हीं देती हैं.
बेटा अपने पे बीती हुई बात बता रहा है,
लोग निवाले तक गिनवा देते ह वक़्त आने पर.
ये सबक किताबों में कहाँ थे,
जो वक्त ने दिए.
उसे निहारते हुए पूरी उम्र गुजार दू मैं,
वो शख़्स इस कदर पसंद हैं मुझे.!
जरूरत के वक्त मेरा अकेला होना,
मुझे सारे रिश्तों से मन भरवा चुका है.
ये हक़ीक़त का क्या करूंगा मैं,
मैंने तो कुछ और ख़्वाब देखे थे.!
आज तक कोई ऐसा मिला ही नहीं,
जो मुझे खोने से डरता हो.!
अजीब था वो शख्स यार,
खुद के करीब भी रखा और अपनाया भी नहीं.