Alfaz Shayari Images
Alfaz Shayari Images: शायरी सिर्फ़ शब्द नहीं होती, यह वो अल्फ़ाज़ होते हैं जो दिल की गहराइयों से निकलते हैं। जब हम किसी से प्यार करते हैं, किसी को याद करते हैं, या किसी से बिछड़ जाते हैं, तो हमारी भावनाएँ अल्फ़ाज़ बनकर कागज़ पर उतर आती हैं।
अल्फ़ाज़ शायरी दिल की बातों को खूबसूरती से बयां करने का तरीका है। कभी ये मोहब्बत का इज़हार बन जाती है, तो कभी किसी दर्द को शब्द देती है। आज हम आपके लिए लाए हैं कुछ Alfaz Shayari Images – जो आपके दिल को छू जाएंगी और आपके एहसासों को बयान करेंगी।
Alfaz Shayari Images

यही एक राहत भी और गिला भी यही,
वो मिला तो सही मगर मिला ही नही..!

मिजाज अपना कुछ ऐसा बना लिया हमने,
किसी ने कुछ भी कहा, बस मुस्कुरा दिया हमने।

जिस बात से दिल डरता था वो हो गई,
कुछ दिन के लिए किस्मत जागी थी अब सो गई.!

काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर.!

काबिल नही थे फिर भी हमने इकरार किया,
उम्मीद नहीं थी लौटने की फिर भी इंतजार कियाः

जिंदगी में कुछ हसीन पल यूं ही गुजर जाते हैं,
रह जाती हैं यादें और इंसान बिछड, जाते हैं.!

आग, जहर, मौत फिर सब प्यारी लगने लगती है,
अपनी बेचारगी भी जब बेचारी लगने लगती है।

ना अनपढ रहे, ना काबिल हुए,
खामखां ए जिन्दगी, तेरे स्कूल में दाखिल हुए..!

कुछ इस तरह से हमारी बातें कम हो गई..
कैसे हो पर शुरू और ठीक हो पर खत्म हो गई..

मैं कल को तलाशता रहा दिन भर, और शाम
होते होते मेरा आज भी चला गया।
Alfaaz Shayari

दर्द को दावत पर बुला ही लो गर खुश हो तो..
ख़ुद चल कर आयेगा तो बड़ा दर्द देगा ।।

आईना कब किसको सच बता पाया है,
जब देखा दायां तो बायां ही नज़र आया है…

मैं पत्थर हूँ के मेरे सर पे ये इल्ज़ाम आता है,
आईना कहीं भी टूटे मेरा ही नाम आता है।

तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में,
लबों तक आते आते तुम गैर हो गए..!!

ज़रूरी नहीं चुभे कोई बात ही…
बात न होना भी चुभता है बहुत…

कितना मुश्किल है मनाना उस शख्स को,
जो स्ठा भी ना हो और बात भी ना करे…

गुरूर कहता है क्या मरना किसी पर..,
तन्हाई कहती है तू जीता है उसी के लिए..

सामने है जो लोग उसे बुरा कहते हैं,
जिस को देखा ही नही उस को खुदा कहते हैं।

दिल की तकलीफ़ कम नही करते,
अब कोई शिकवा हम नही करते…

मरहम है तू, ताउम्र घाव रहने दे,
दवा है तू मेरी, मुझे ताउम्र बीमार रहने दे…
Alfaaz Shayari In Hindi Image
सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा,
इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जाएगा।
तुम्हारे दिल की चुभन भी जरूर कम होगी,
किसी के पांव से कांटा निकालकर देखो।
हाथ उठते हुए उनके न कोई देखेगा,
किस के आने की करेंगे वो दुआ मेरे बाद.!
हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है,
वजह कोई मजबूरी भी हो सकती है।
मै बोलता हूं तो इल्जाम है बगावत का,
मैं चुप रहूं तो बड़ी बेबसी सी होती है।
भरी है जो दिल में हसरत कहूं तो किससे कहूँ,
सुने है कौन मुसीबत कहूं तो किससे कहूं
अंधेरे में भी एक दुनिया है आबाद ,
आंखों को अपनी बंद करके तो देखो.!
सभी से राज कह देता हूं,
अपने न जाने क्या छुपाना चाहता हूं.!
इतना बदनाम भी बीमार ना हो,
मौत आने ही को तैयार न हो..
माना कि तुम गुफ्तगू के फन में माहिर हो पर,
वफा के लफ्ज पर अटको तो हमे याद कर लेना
अब तो बस, दिल में यादें..
और फोन में नंबर रह गए हैं.!
अधूरे अल्फ़ाज़ शायरी
हमारा दिल तो हमेशा से इक जगह पर है,
तुम्हारा दर्द ही रस्ता भटक गया होगा !
बदला हुआ कहता है वो मुझे,
जो खुद पहले जैसा नही रहा.!
सिर्फ. जिंदा रहने को जिन्दगी नही कहते,
कुछ गम-ए-मोहब्बत तो कुछ गम-ए-जहां यारों.!
सैर कर दुनिया की गालिब जिंदगानी फिर कहां,
जिंदगी अगर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहां.!
आजतक दिया नही तुमने मुझे फरेब
पर ये भी सच है तुम कभी मेरे नही रहे!
कहां चराग जलाएं, कहां गुलाब रखें,
छतें तो मिलती हैं, लेकिन मकां नही मिलता..!
पता चला कि एक दिन मरना ही है,
तब जाकर जीना शुरू किया !
शर्तें लगाई जाती नही दोस्ती के साथ,
कीजिए मुझे कुबूल मेरी हर कमी के साथ.!
सवाल ये नही की दर्द कितना है,
बात ये है कि परवाह किसे है.!
कुछ इस तरह तेरे मेरे रिश्ते ने आखिरी सांस ली,
न मैंने पलट कर देखा न तुमने आवाज दी।
मां फिर से चुप कराओ ना,
तेरा बेटा अब अंदर से रोता है.!
Alfaaz Shayari Image for Facebook
अंजाम ने दुख दिया है,
वरना यादें तो प्यारी हैं..!
जिन्दगी तो सबके पास है,
पर हर कोई जिंदा थोडी है..!
बिछड, के तुझसे किसी दूसरे पे मरना है,
ये तजुर्बा भी इसी जिन्दगी में करना है।
अपने कई हैं,
मगर अपना कोई नहीं.!
बहुत भीड. है लोगों के दिलों में,
इसलिए हम अकेले ही रहते हैं.!
खाली वक्त में कभी याद आऊं,
समझ लेना तुम्हारे अंदर कहीं जिंदा हूं मै.!
मिले तो हजारों लोग थे जिन्दगी में,
वो सबसे अलग था जो किस्मत में नही था।
पहले चुभा बहुत, अब आदत सी है…
ये दर्द पहले था, अब इबादत सी है…!
Alfaaz Shayari 2 Line
मैं कल को तलाशता रहा दिन भर,
और शाम होते होते मेरा आज भी चला गया।
दर्द को दावत पर बुला ही लो गर खुश हो तो..
ख़ुद चल कर आयेगा तो बड़ा दर्द देगा ।।
बहुत सा पानी छुपाया है मैंने अपनी पलकों में,
ज़िंदगी लंबी बहुत है, क्या पता कब प्यास लग जाए।
ज़ुल्म के सारे हुनर हम पे यूँ आजमाए गए,
ज़ुल्म भी सहा हमने और जुलमी भी कहलाए गए…
आईना कब किसको सच बता पाया है,
जब देखा दायां तो बायां ही नज़र आया है…
मैं पत्थर हूँ के मेरे सर पे ये इल्ज़ाम आता है,
आईना कहीं भी टूटे मेरा ही नाम आता है।
तुम्हें अपना कहने की तमन्ना थी दिल में,
लबों तक आते आते तुम गैर हो गए..!!
ज़रूरी नहीं चुभे कोई बात ही…
बात न होना भी चुभता है बहुत…
कितना मुश्किल है मनाना उस शख़्स को,
जो स्ठा भी ना हो और बात भी ना करे…
गुरूर कहता है क्या मरना किसी पर..,
तन्हाई कहती है तू जीता है उसी के लिए..